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गबन…भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ी मनरेगा योजना,बम्हौरा ग्राम प्रधान का पत्नी सहित बना जॉब कार्ड

ग्राम पंचायत सचिव सहित अन्य जिम्मेदारों की भूमिका संदिग्ध

महेवा ब्लॉक में व्याप्त भ्रष्टाचार पहुंचा मुख्यमंत्री के जनता दर्शन दरबार में

उरई जालौन। जनपद जालौन का विकासखण्ड महेवा इस समय लगातार ग्राम निधि और मनरेगा योजना में फर्जीवाड़े एवं फर्जी भुगतान को लेकर सुर्खियों में है। ब्लॉक के जिम्मेदारों में शासनादेश को ताक में रख कर भुगतान किए है। जिसमें ग्राम निधि में प्रधान,उसके पति,पत्नी,पुत्रों,ससुर सहित अन्य परिजनों के खातों में मजदूरी की धनराशि निकालने के साथ साथ गोपालक का मानदेय एवं जॉब कार्ड बनाकर गबन कर रहे है। इस कार्य में ग्राम पंचायत सचिवों की लापरवाही साफ उजागर हो रही है। शिकायत के बाद खबर प्रकाशन होने पर डीएम ने जांच करने के लिए अधीनस्थ अधिकारियों को निर्देश दिए हैं। कार्यवाही क्या हुई इस बाबत अधिकारी जांच रिपोर्ट डीएम को भेजने की बात कर अपना पल्ला झाड़ रहे है।

ऐसा ही एक भ्रष्टाचार का मामला महेवा ब्लॉक के ग्राम पंचायत बम्हौरा का सामने आया है। जहां पर ग्राम पंचायत सचिव सूर्यांश पटेल ने नियमों को दरकिनार करते हुए पहले ग्राम निधि में प्रधान पुत्रों के नाम पर कार्यों की मजदूरी का पैसा निकाल लिया साथ ही गोपालक के नाम से मानदेय भी निकाला।

ग्रामीणों ने भेजे गए शिकायती पत्र में बताया कि ग्राम प्रधान सुरेन्द्र भी मनरेगा योजना अंतर्गत श्रमिक का कार्य करता है और उसके पत्नी और पुत्र भी श्रमिक का कार्य करते है और लाखों रुपए का मजदूरी भुगतान भी ले चुके है।

बता दे कि ग्राम प्रधान जिसका जॉब कार्ड संख्या 139 है। जिसमें प्रधान कि पत्नी बड़ी बहू को भी जोड़ा गया है। गांव कि रोजगार सेवक कामिनी देवी का भाई हरिश्चंद्र के नाम भी जॉब कार्ड बना हुआ है। उसने स्वयं व अपनी पत्नी अर्चना देवी के नाम पर लाखों रुपए का मजदूरी का भुगतान लिया है। कागजों में प्रधान,उसके परिजन और रोजगार सेवक का भाई भाभी लगातार मजदूरी का फर्जी भुगतान ले रहे हैं। ग्रामीण कहते है कि गांव में कहा कार्य हो रहा है,उक्त जॉब कार्ड धारक कब काम कर लेते है,किसी को मालूम नहीं है।

गांव में जो कार्य हुए है वो धरातल में नहीं है। अधिकारियों की मिलीभगत से फर्जी भुगतान कराया गया है। उन्होंने इसकी शिकायत मुख्यमंत्री जनता दर्शन दरबार में की है।

वहीं जिम्मेदारों का कहना है कि अभी तक जो शिकायतें प्राप्त हुई है। जांच कराने के साथ उनकी आख्या रिपोर्ट डीएम को भेज दी है,आगे की कार्यवाही वही से होगी।

ग्राम पंचायत बम्हौरा में ग्राम प्रधान सुरेन्द्र ने अपने पुत्र वीरसिंह के नाम पर गोपालक की मजदूरी लेने के साथ साथ ग्राम निधि से मजदूरी के नाम पर लाखों रूपये निकाल कर गबन किया है। ग्रामीणों के मुताबिक प्रधान अपनी फर्म का संचालन करता है और उसी में फर्जी कार्यों के भुगतान करता है।

निधि में व्याप्त भ्रष्टाचार को लेकर विवादित है महेवा ब्लॉक

शासन द्वारा संचालित मनरेगा एवं ग्राम निधि योजना सिर्फ जिम्मेदारों के आय का साधन है। ग्रामीणों द्वारा कि गई शिकायतों पर अधिकारियों द्वारा कि गई जांच में इसकी पुष्टि होती रहती है। विगत दिनों डीसी मनरेगा रामेंद्र सिंह कुशवाह ने गुढ़ाखाश और मैनेपुर दिवारा का निरीक्षण किया था। जांच के दौरान उनको शिकायत सही मिली थी। वहीं पड़री मुस्तकिल,शेखुपुरा गुढ़ा, शाहजहांपुर, निपनिया, पिथऊपुर सहित अन्य ग्राम पंचायतों में भी बड़े स्तर पर उनको भ्रष्टाचार कि शिकायत मिली थी। जानकार बताते है कि फीड गुड कर के मामले को दबाने का प्रयास किया जा रहा है।

जितेन्द्र कुशवाहा सहित अन्य सचिवों पर हो सकती है निलंबन कि कार्यवाही

शेखुपुर गुढ़ा और मैनुपुर दिवारा में डीसी मनरेगा ने अपनी जांच रिपोर्ट डीएम को सौंपी है। सूत्रों के मुताबिक सचिव जितेंद्र कुशवाहा सहित रोजगार सेवक व ग्राम प्रधान पर कार्यवाही सुनिश्चित है।

राहुल पहाड़ियां व सुरेशचंद निषाद पर भी गिर सकती है गाज

ग्राम पंचायत लौना में हुए कथित भ्रष्टाचार को लेकर जिलाधिकारी राजेश कुमार पाण्डेय ने सख्त रुख अपनाया है।

गांव में पूर्व में रहे ग्राम पंचायत अधिकारी सुरेशचंद निषाद और वर्तमान में मौजूद राहुल पहाड़ियां पर गाज गिरना तय बताया जा रहा हैं। सूत्रों से मिली खबर के अनुसार खबर प्रकाशन के बाद जिम्मेदारों में हड़कंप मचा हुआ है। ग्राम प्रधान और सचिव ने जिन कार्यों को बिना कराए फर्जी भुगतान कराया था,उनको आनन फानन में कराया जा रहा है।

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