पिपरौंधा प्रधान के खाते में मजदूरी का भुगतान
- जनपद के महेवा ब्लॉक में नहीं होता शासन के निर्देशों का पालन
- ग्रामीण बोले गांव में मजदूर नहीं है मजदूर,रामराज्य है लूटने में लगे है जिम्मेदार।
- पंचायतीराज अधिनियम का खुलेआम उल्लंघन,अधिकारी बोले जांच कराएगे।
जालौन जिले का महेवा विकास खण्ड इस समय खासा चर्चा में हैं। ब्लॉक क्षेत्र कि ग्राम पंचायतों में पंचायतीराज अधिनियम का खुलेआम उल्लंघन हो रहा है,पंचायत सचिवों से मिलकर ग्राम प्रधान मजदूरी का भुगतान अपने पुत्र,पति,पत्नी भाइयों सहित खुद के खातों में करा रहे है। जबकि शासन ने कड़े निर्देश दिए थे कि परिजनों एवं स्वयं के खातों में भुगतान कराया तो अनियमिताओं की श्रेणी में होगा।
ऐसा ही एक मामला ग्राम पंचायत पिपरौंधा का है। जहां पर ग्राम प्रधान और सचिव की मिलीभगत से ग्राम निधि खाते से ग्राम प्रधान कंचन चौहान के खाते में फर्जी भुगतान किया गया है।वित्तीय वर्ष 2022-23 में सामुदायिक शौचालय निर्माण के नाम पर 36000 रुपए का भुगतान,वित्तीय वर्ष 2023-24 में आंगनवाड़ी में इंटरलॉकिंग और शौचालय निर्माण के नाम पर 182240 रुपए का मजदूरी भुगतान लिया गया है। वित्तीय वर्ष 2024-25 में हैंडपंप रीबोर के नाम पर 108245 रुपए का मजदूरी भुगतान लिया गया है। और खुलेआम ग्राम सचिव की मिलीभगत से पंचायती राज नियमावली की खुलेआम धज्जियां उड़ाई गई हैं। ग्रामीणों के मुताबिक ग्राम निधि को प्रधानों ने लूट का साधन बना लिया है,विरोध करने वालों को धमकी दी जाती है। जिम्मेदार अधिकारियों की मिलीभगत से यह फर्जीवाड़ा किया जा रहा हैं। ग्रामीणों ने जनहित में रोक लगाने के साथ कार्यवाही की मांग की है।

प्रधानपति की अधिकारियों से मिलीभगत की चर्चाएं जोरो पर।
ग्रामीणों के अनुसार प्रधान प्रतिनिधि की जनपद में वर्षों से तैनात आला अधिकारियों के साथ प्रतिदिन का उठना बैठना है। जिस कारण कोई भी कार्यवाही संभव नहीं है। प्रधान प्रतिनिधि जनपद के जिम्मेदार अधिकारियों की मिलीभगत से ही इन फर्जी कार्यों को अंजाम देता है। जब कोई शिकायत होती है तो ले देकर निपटा देता है। जिस कारण अभी तक कोई कार्यवाही नहीं हुई है।
