पिपरौंधा में फसल नहीं, पराली जलने का मामला निकला
हाईटेंशन लाइन से आग की बात संदिग्ध, जांच के बाद साफ होगी तस्वीर
कालपी (जालौन) महेवा ब्लॉक के पिपरौंधा गांव में मंगलवार को हुई आगजनी की घटना को लेकर बड़ा खुलासा हुआ है। शुरुआती सूचना में जहां गेहूं की फसल जलने की बात कही जा रही थी, वहीं राजस्व विभाग की जांच में स्पष्ट हुआ कि खेतों में खड़ी फसल नहीं, बल्कि केवल पराली जली थी।

मंगलवार दोपहर गांव में करीब 40 बीघा गेहूं जलने की खबर फैलते ही प्रशासनिक अमला सतर्क हो गया था। अग्निशमन विभाग ने मौके पर पहुंचकर आग पर काबू पा लिया। घटना की जानकारी उच्च स्तर तक पहुंचने पर उपजिलाधिकारी मनोज कुमार सिंह राजस्व टीम के साथ तत्काल स्थल पर पहुंचे और जांच कराई।
जांच के दौरान सामने आया कि जिन खेतों में आग लगी थी, वहां की फसल पहले ही हार्वेस्टर से काटी जा चुकी थी। खेतों में सिर्फ पराली बची थी, जो आग की चपेट में आई। आग के बाद भी कई स्थानों पर पराली के अवशेष मौजूद मिले, जिससे स्थिति स्पष्ट हो गई।
ग्राम प्रधान प्रतिनिधि ने भी पुष्टि की कि घटना में केवल पराली ही जली है। तहसीलदार अभिनव तिवारी ने बताया कि राजस्व कर्मियों की रिपोर्ट में भी यही तथ्य सामने आया है।
हालांकि, आग लगने के कारणों को लेकर अभी संशय बना हुआ है। किसानों ने हाईटेंशन लाइन से चिंगारी गिरने की आशंका जताई है, लेकिन इसकी पुष्टि नहीं हो सकी है। विद्युत विभाग के अवर अभियंता नवीन सचान का कहना है कि विस्तृत जांच के बाद ही कारण स्पष्ट होगा।
उपजिलाधिकारी मनोज कुमार सिंह ने कहा कि इस घटना में किसी प्रकार की फसल क्षति नहीं हुई है और केवल पराली ही जली है। फिलहाल मामले की जांच जारी है।