कालपी में जनगणना प्रशिक्षण शुरू, ऑनलाइन प्रक्रिया पर दिया गया विशेष जोर
अपर निदेशक ने किया निरीक्षण, बोले—छोटी गलती भी बिगाड़ सकती है सरकारी आंकड़े
कालपी (जालौन): सोमवार से नगर के एम एस वी इंटर कॉलेज में जनगणना प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ हो गया। तीन चरणों में आयोजित होने वाले इस प्रशिक्षण में कार्मिकों को जनगणना की बारीकियों से अवगत कराया जा रहा है। प्रत्येक चरण में प्रतिभागियों को तीन-तीन दिन तक विस्तृत प्रशिक्षण दिया जाएगा।

ज्ञात हो कि भारत सरकार द्वारा हर दस वर्षों में जनगणना कराई जाती है, जिसके माध्यम से देश की आबादी, महिला-पुरुष अनुपात और आर्थिक स्थिति का आंकलन किया जाता है। पिछली जनगणना वर्ष 2011 में हुई थी, जबकि 2021 में प्रस्तावित जनगणना विभिन्न कारणों से नहीं हो सकी थी। अब शासन द्वारा पुनः प्रक्रिया शुरू किए जाने के बाद कार्मिकों का प्रशिक्षण भी प्रारंभ कर दिया गया है।
प्रशिक्षण के पहले चरण में मकान गणना पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। प्रशिक्षक प्रतिभागियों को घर-घर जाकर सही जानकारी एकत्र करने और उसे ऑनलाइन प्रणाली के माध्यम से अपलोड करने के तरीकों की जानकारी दे रहे हैं।
सोमवार को कार्यक्रम की हकीकत परखने के लिए अपर निदेशक जनगणना मनोज कुमार मौर्य ने प्रशिक्षण स्थल का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने प्रशिक्षकों और प्रशिक्षार्थियों को आवश्यक दिशा-निर्देश देते हुए कहा कि पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन होगी, इसलिए डाटा भरते समय विशेष सावधानी बरती जाए।
वहीं, एसडीएम मनोज कुमार सिंह ने बताया कि तहसील क्षेत्र को विभिन्न सेक्टरों में विभाजित किया गया है, जिससे जनगणना कार्य सुचारू रूप से संपन्न हो सके। प्रभारी तहसीलदार चंद्र मोहन शुक्ला ने भी कार्मिकों को सचेत करते हुए कहा कि किसी भी प्रकार की लापरवाही या त्रुटि से सरकारी आंकड़ों की शुद्धता प्रभावित हो सकती है, इसलिए पूरी जानकारी समझने के बाद ही डाटा अपलोड करें।
प्रशिक्षण कार्यक्रम के दौरान बड़ी संख्या में कार्मिक उपस्थित रहे और उन्होंने जनगणना से जुड़ी प्रक्रियाओं को गंभीरता से समझा।