धांधली : श्रमिकों का रोजगार छीन रही ऑलराउंडर फर्म और प्रधान का ससुर ( रिटायर सचिव ) मिट्टी पुराई, झाड़ी सफाई, हैडपंप मरम्मत के नाम पर फर्जी भुगतान
विकास खंड महेवा के ग्राम पंचायत हथनौरा में विकास कार्यों के नाम पर जमकर हुआ गोलमाल,ग्रामीणों को कार्यवाही का इंतजार।
महेवा विकास खंड की ग्राम पंचायत हथनौरा में मजदूरों के हक का पैसा ग्राम प्रधान ने अपने ससुर के खाते में भुगतान कराने के साथ-साथ अन्य अवशेष धनराशि भी ससुर के खाते में भुगतान करा ली।
ग्राम पंचायत हथनौरा में भुगतान को लेकर बड़े स्तर पर गोलमाल सामने आया है। जो लोगों के बीच चर्चा का विषय बना हुआ है। ग्राम पंचायत सचिव ने टी गार्ड के नाम पर चौहान टेंडर्स को 21 हजार 63 रूपये,खाद गड्ढा निर्माण पर 20 हजार 160 रूपये,झाड़ी सफाई के नाम पर 32 हजार 265 रूपये निकाल लिए। साथ ही अन्य भुगतानों में शासन के नियमों को अनदेखा किया गया।

ग्रामीणों ने बताया कि टी गार्ड,खाद गड्ढे,झाड़ी सफाई सहित हैडपंप मरम्मत अगर फर्म वाले करने लगेंगे तो श्रमिकों से रोजगार छीन जाएगा। श्रमिक कैसे अपने परिवार का भरण पोषण करेंगे। अगर इस तरह से सरकारी धनराशि का दुरुप्रयोग होगा तो श्रमिकों को रोजगार के लिए अन्य जनपदों और प्रदेशों में पलायन करना पड़ेगा।
ग्रामीणों के मुताबिक शासन द्वारा ग्राम पंचायतों के विकास के लिए भेजी गई धनराशि का जिम्मेदार जमकर दुरुप्रयोग करने में लगे हुए है।

ग्राम पंचायत हथनौरा में लाखों रूपये का भुगतान मजदूरी, इंटरलॉकिंग आदि कार्यों में निकाला गया है। ग्रामीणों के मुताबिक बिना एमबी के भुगतान हुआ है।
जबकि शासन का निर्देश है कि एमबी यानी मीजर बुक किसी भी विकास कार्य के भुगतान से पहले संबंधित विभाग के अभियंता द्वारा एमबी तैयार की जाती है। इसमें कार्य के माप के अनुसार धनराशि तय की जाती है। इसी तय धनराशि के अनुसार ही ग्राम पंचायत द्वारा भुगतान किया जाता है। नियमानुसार बिना एमबी के कोई भी भुगतान संभव नहीं है।

लेकिन यहां पर नियमों को ताक में रख कर भुगतान कर दिया गया। ग्रामीण भी इसे बड़े स्तर पर गोलमाल बता रहे है। वहीं जिम्मेदारों में हड़कंप मचा हुआ है।