भ्रष्टाचार … हाथनौरा प्रधान का मानदेय से अधिक भुगतान
पेंशन भोगी ससुर ने नौ लाख रुपये का मजदूरी भुगतान लिया
उरई जालौन। विकासखंड महेवा में भ्रष्टाचार रुकने का नाम ही नहीं ले रहा है मामला ग्राम पंचायत हथनौरा का है। जहां पर प्रधान और सचिव की मिलीभगत से ग्राम निधि में लाखों रुपये का हेर फेर किया गया है। गौरतलब है कि ग्राम प्रधान का मानदेय 5000 रुपए मासिक है। इस हिसाब से प्रधान के संपूर्ण कार्यकाल का मानदेय किसी भी प्रकार से तीन लाख रुपए से ज्यादा नहीं होना चाहिए। लेकिन ग्राम हथनौरा की प्रधान मुन्नी देवी ने अभी तक मानदेय के रूप में चार लाख रूपये से अधिक का भुगतान ले लिया है।

प्रधान का ससुर हरेंद्र सिंह जो ( रिटायर सचिव ) पेंशनभोगी है। उक्त पेंशन भोगी द्वारा वित्तीय वर्ष 2021-22 में झाड़ी सफाई,बांस बल्ली लाइट लगवाने,पंचायत भवन मरम्मत,हैंडपंप मरम्मत आदि कार्यों से 82621 रुपए का भुगतान ले लिया गया है। वित्तीय वर्ष 2022-23 में 90413 रुपये,वित्तीय वर्ष 2023-24 में ग्राम पंचायत से संबंधित कार्यों में 353943 रुपये,वित्तीय वर्ष 2024-25 में 191210 रुपये और वित्तीय वर्ष 2025-26 में ग्राम पंचायत में मजदूरी का कार्य करते हुए 180114 रुपये का मजदूरी भुगतान अपने खाते में डलवाया है। पांच वर्षों में प्रधान के पेंशन भोगी ससुर द्वारा 898301 रुपए का मजदूरी का फर्जी भुगतान लिया गया है। जो वित्तीय अनियमिताओं की श्रेणी में आता है।
परिवार के सदस्यों या रिश्तेदार को नहीं हो सकता भुगतान
पंचायतीराज एक्ट के अनुसार ग्राम प्रधान या पंचायत सचिव द्वारा अपने परिवार के सदस्य या किसी रिश्तेदार को कोई भुगतान नहीं किया जा सकता है। अगर वह उनसे कोई कार्य भी कराते है तो भी यह भुगतान शासकीय धनराशि का दुरुप्रयोग ही माना जाएगा। इसमें जिलाधिकारी प्रधान के अधिकार सीज करने के साथ ही भुगतान की गई धनराशि की भी वसूली करा सकते हैं।
फर्म के खाते में हुआ पंचायत सहायक के मानदेय का भुगतान

रिश्ते में ग्राम प्रधान के जीजा और चौहान ट्रेडर्स नामक चर्चित फर्म के मालिक शिशुपाल सिंह ने भी भ्रष्टाचार की गंगा में डुबकी लगाते हुए 5/1/2025 को पंचायत सहायक के तीन माह का 18 हजार रूपये का भुगतान अपनी फर्म में कराया है। मामला सुर्खियों में आने के बाद जिम्मेदार फीड गुड करने में लगे हुए हैं।