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भ्रष्टाचार …मनरेगा के फर्जी कार्यों को लेकर रोजगार सेवक जांच के दायरे में, बीडीओ ने दिए जांच के आदेश

 

उरई जालौन। जनपद जालौन के विकासखंड महेवा की ग्राम पंचायतों में मनरेगा योजना और ग्राम निधि में हो रहे फर्जीवाड़ा रुकने का नाम नहीं ले रहा हैं।

ग्राम पंचायत में मनरेगा योजना की पहली कड़ी रोजगार सेवकों द्वारा ग्राम के अंदर योजना का सत्यपरक और दोषपूर्ण क्रियान्वयन करने की जिम्मेदारी होती है। लेकिन यही पहली कड़ी रोजगार सेवक जब फर्जीवाड़ा करने पर आमादा हो जाएं तो यह योजना सिर्फ कागज पर दिखती है। और फर्जीवाड़ा का पुतला बन कर रह जाती है।

शाहजहांपुर ग्राम पंचायत में यही स्थिति उजागर हुई और जनपद के आलाधिकारियों द्वारा एक दैनिक समाचार पत्र में छपी खबर का संज्ञान लेते हुए शाहजहांपुर के रोजगार सेवक उमेश कुशवाहा के विरुद्ध जांच के आदेश जारी कर दिए हैं। इसी क्रम में एक जनसुनवाई शिकायत में भी खंड विकास अधिकारी महेवा ने जांच के आदेश जारी किए हैं। जिसमें रोजगार सेवक उमेश कुशवाहा पर पद का दुरुपयोग,सरकारी धन का गवन और फर्जीवाड़े के आरोप लगाए गए हैं। जो जांच में सत्य पाए गए है।

इस संबंध में बीडीओ अरुण कुमार सिंह से बात की गई तो उन्होंने कहा कि मामला संज्ञान आया है जो बहुत ही चिंताजनक है। जांच की जा रही है जांच पूर्ण होने के उपरांत दोषी पर नियमानुसार कार्यवाही की जाएगी

आय से अधिक संपत्ति की भी हुई शिकायत

महेवा ब्लॉक कि ग्राम पंचायत शाहजहांपुर का रोजगार सेवक उमेश कुशवाहा कुछ वर्षों में धन्ना सेठ बन बैठा है। उक्त रोजगार सेवक तकनीकी सहायकों कि लॉगिंग आईडी रख कर एमबी स्टीमेट आदि कार्य स्वयं करता है। प्रधानों पर दबाव बना कर जबरन उनके गांवों में फर्जी कार्य दिखा कर भुगतान करवा लेता है। इसके अलावा उसने कदौरा ब्लॉक के आटा गांव में प्राइवेट अस्पताल खोल रखा है। उक्त रोजगार सेवक कि कॉल डिटेल निकाली जाए तो एटीएम फ्रॉड करने वाले गिरोह के संपर्क में होने की पुष्टि हो सकती है। 8 हजार रूपये मानदेय पाने वाले रोजगार सेवक के पास करोड़ों रूपए की अवैध संपत्ति है। जिसमें आलीशान मकान,प्लाट,चार पहिया लग्जरी वाहन आदि शामिल है।

शिकायतकर्ता ने इसकी जानकारी आयुक्त मनरेगा सहित लोकायुक्त को सौंपी है।

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