जंगलों और रेलवे ट्रैक तक पहुंची भीषण आग, 8 घंटे की मशक्कत के बाद पाया गया काबू
तीन अलग-अलग स्थानों पर लगी आग से मचा हड़कंप, दमकल और प्रशासनिक अमला देर रात तक जुटा रहा
कालपी (जालौन)।
नगर से सटे जंगलों में बुधवार दोपहर लगी भीषण आग ने कुछ ही देर में विकराल रूप धारण कर लिया। तेज गर्मी और हवाओं के चलते आग जंगलों से फैलते हुए झांसी-कानपुर रेलवे ट्रैक के किनारे तक पहुंच गई, जिससे प्रशासनिक अधिकारियों में हड़कंप मच गया। आग पर काबू पाने के लिए एसडीएम अमित शेखर की मौजूदगी में वन विभाग, पुलिस विभाग तथा अग्निशमन विभाग की टीमें करीब 8 घंटे तक लगातार राहत एवं बचाव कार्य में जुटी रहीं। देर रात आग पर काबू पाने में सफलता मिली।

विभागीय सूत्रों के अनुसार बुधवार दोपहर करीब 1 से 2 बजे के बीच कालपी नगर के चौरासी गुम्बद के सामने मौजा सुल्तानपुर वन क्षेत्र में अचानक आग सुलगने लगी। देखते ही देखते आग ने भीषण रूप धारण कर लिया और जंगलों में तेजी से फैलती हुई मुड़िया गुम्बद के पीछे स्थित झांसी-कानपुर रेलवे ट्रैक के किनारे तक पहुंच गई।
सूचना मिलते ही अग्निशमन अधिकारी विनोद नायक दमकल वाहन और कर्मचारियों की टीम के साथ मौके पर पहुंचे, लेकिन कालपी बाईपास ओवरब्रिज पर पहुंचते ही दमकल वाहन खराब हो गया। इसके बाद तत्काल मुख्यालय उरई से दो अतिरिक्त दमकल वाहनों को मौके पर रवाना किया गया। एक दमकल वाहन को रेलवे ट्रैक किनारे फैली आग बुझाने में लगाया गया, जबकि दूसरे वाहन से हाईवे किनारे जंगलों में लगी आग पर काबू पाने का प्रयास किया गया।
करीब साढ़े आठ घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद देर रात आग पर नियंत्रण पाया जा सका। मौके पर उपजिलाधिकारी अमित शेखर, क्षेत्राधिकारी अवधेश कुमार सिंह, कोतवाली प्रभारी निरीक्षक अजय ब्रह्म तिवारी, नायब तहसीलदार चंद्रमोहन शुक्ला, राजस्व निरीक्षक हरेंद्र सिंह सेंगर, वन क्षेत्राधिकारी अजीत कुमार सहित पुलिस, वन विभाग एवं अग्निशमन विभाग की टीमें मौजूद रहीं।
भीषण आग के चलते पूरे क्षेत्र में धुएं का गुबार छाया रहा, जिससे आसपास के लोगों में दहशत का माहौल बना रहा। रेलवे ट्रैक तक आग पहुंचने से ट्रेनों के संचालन पर भी असर पड़ने की आशंका बढ़ गई थी। आग की चपेट में आने से वन क्षेत्र के कई पेड़-पौधे झुलस गए।
इसी दौरान पुलिस प्रशिक्षण केंद्र मांगरोल के पास जंगलों में भी आग लग गई, जबकि ग्राम पथरैहटा में एक नलकूप में आग लगने की घटना सामने आई, जिससे क्षेत्र में अफरा-तफरी का माहौल बना रहा।