सहकारी समितियां किसानों की समृद्धि का मजबूत आधार : रामाशंकर जायसवाल
कालपी में आयोजित संगोष्ठी में सहकारिता को ग्रामीण विकास और आत्मनिर्भरता का माध्यम बताया गया
कालपी (जालौन)। शुक्रवार को मंडलीय खादी ग्रामोद्योग प्रशिक्षण केंद्र में आयोजित सहकारिता संगोष्ठी में उत्तर प्रदेश सहकारी संघ के उपाध्यक्ष रामाशंकर जायसवाल ने कहा कि सहकारिता भारतीय संस्कृति की सामूहिकता और सहभागिता की भावना का जीवंत उदाहरण है तथा सहकारी समितियां किसानों, महिलाओं और ग्रामीण समुदायों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने का कार्य कर रही हैं। उन्होंने कहा कि सहकारिता क्षेत्र को मजबूत बनाने के लिए सरकार अनेक योजनाएं संचालित कर रही है, जिनका लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना हम सभी की जिम्मेदारी है।

विशिष्ट अतिथि भाजपा चिकित्सा प्रकोष्ठ के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष एवं पूर्व विधायक डॉ. अरुण मेहरोत्रा ने कहा कि सहकारी संस्थाएं किसानों और आमजन के बीच विश्वास का मजबूत सेतु हैं। यदि वे पारदर्शिता और जनसहभागिता के साथ कार्य करें तो ग्रामीण क्षेत्रों में विकास की नई संभावनाएं उत्पन्न हो सकती हैं। पूर्व विधायक नरेंद्र सिंह जादौन ने कहा कि सहकारिता केवल आर्थिक गतिविधि नहीं, बल्कि सामाजिक समरसता और सामूहिक प्रगति का आंदोलन है। कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए जिला सहकारी बैंक के अध्यक्ष बृजभूषण सिंह ने कहा कि किसानों की समृद्धि के बिना देश की प्रगति संभव नहीं है और सहकारी बैंक एवं समितियां किसानों को वित्तीय सहायता उपलब्ध कराकर उनकी आर्थिक स्थिति को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं।
उत्तर प्रदेश राज्य निर्माण सहकारी संघ के निदेशक डॉ. प्रवीण सिंह जादौन ने कहा कि सहकारिता का मूल मंत्र सामूहिक सहभागिता, पारदर्शिता और आत्मनिर्भरता है तथा आधुनिक तकनीक, सुशासन और युवाओं की सक्रिय भागीदारी से ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार एवं विकास के नए अवसर सृजित किए जा सकते हैं।
कार्यक्रम में जिला केंद्रीय सहकारी उपभोक्ता भंडार लिमिटेड के अध्यक्ष उपेंद्र सिंह राजावत, क्रय-विक्रय सहकारी समिति कालपी के अध्यक्ष उदय प्रताप सिंह, पूर्व अध्यक्ष देवेंद्र चतुर्वेदी, धर्मेंद्र सिंह चौहान, दिनेश चौधरी, संदीप शर्मा, भाजपा नगर अध्यक्ष सुबोध द्विवेदी, ब्रह्मा यादव, राकेश कुमार, विनोद खत्री, संजय सविता, धर्मेंद्र पाल, प्रीतू सिंह, वैभव बिश्नोई, रविंद्र सिंह, लखन पुरवार, भगवानदास खटीक, बृजेंद्र सिंह, अमरीश अग्रवाल सहित सहकारिता क्षेत्र से जुड़े पदाधिकारी, किसान एवं समिति सदस्य मौजूद रहे।