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जांच मिलते ही स्वयंभू की भूमिका में A.B.S.A. कदौरा,पीड़िता को धमकाया

 

कदौरा विकासखंड के ग्राम बबीना में महिला पंचायत सहायक ने ग्राम पंचायत अधिकारी सुरेशचंद्र निषाद पर पंचायत भवन में मदिरा सेवन करने और अश्लील हरकते करने का आरोप लगाया था जिसका प्रार्थनापत्र पंचायत सहायक ने विगत दिनों जिलाधिकारी जालौन के समक्ष प्रस्तुत होकर दिया था जिलाधिकारी जालौन द्वारा खंड विकास अधिकारी कदौरा को जांच कर कार्यवाही के आदेश दिए थे खंड विकास अधिकारी द्वारा जांच के लिए दो सदस्यीय टीम का गठन कर जांच की जिम्मेदारी दी गई है जिसमें सीडीपीओ कदौरा और खण्ड शिक्षा अधिकारी कदौरा को जांच अधिकारी नियुक्त किया गया है और तीन दिवस के अंदर अधोहस्ताक्षरी को जांच आख्या प्रस्तुत करने के लिए कहा गया है इसी क्रम में आज सीडीपीओ कदौरा द्वारा पंचायत सहायक को जांच के लिए खण्ड शिक्षा अधिकारी के कार्यालय जांच के लिए बुलाया गया था जहां पर सीडीपीओ कदौरा के अतिरिक्त दूसरा पक्ष से ग्राम सचिव सुरेशचंद्र निषाद और कुछ शिक्षक पहले से मौजूद थे

खंड शिक्षा अधिकारी अमर सिंह वर्मा द्वारा पीड़ित पंचायत सहायक से कहा कि तुम्हारे खिलाफ इस प्रकार की कलम चलाएंगे कि कहीं भी नौकरी करने लायक नहीं रहेगी अपना स्पष्टीकरण दो सचिव साहब पर तुमने क्या आरोप लगाए हैं।

जिस पर पंचायत सहायक ने अपना स्पष्टीकरण दिया है और साफ शब्दों में लिखा है पंचायत भवन में शराब पीकर अश्लील हरकते करने वाले सचिव के साथ मैं काम नहीं कर पाऊंगी।

 

जांच अधिकारी पर सवालिया निशान

अब सवाल यह है कि जांच अधिकारी,जांच करने जाते हैं या फिर पीड़ित पर रौब झाड़ने,शिक्षा विभाग की मासिक बैठक के बीच में मौजूद शिक्षकों के सामने जांच करने का क्या औचित्य और दोषी पक्ष को बगल वाली सीट पर बैठकर आप पीड़ित पक्ष का मानसिक हनन भी कर रहे है क्या इस प्रकार के जांच अधिकारी से सही और दोषपूर्ण जांच की उम्मीद की जा सकती है।इस बाबत जब खण्ड विकाश अधिकारी संदीप मिश्रा जी से पूछा गया तो उन्होंने कहा कि जांच के दौरान इस प्रकार की भाषा का इस्तेमाल करना बहुत गलत बात है वर्मा जी तो शिक्षा विभाग के अनुभवी कर्मचारी हैं दोनों पक्षों से अलग अलग बात करके बयान दर्ज करने चाहिए।

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