मंडी शुल्क में रिकॉर्ड बढ़ोतरी, राजस्व में 80 लाख की वृद्धि
प्रवर्तन टीम ने भी वसूला 8 लाख अधिक जुर्माना, सचिव की कार्यशैली की सराहना
कालपी (जालौन), 27 अप्रैल। कृषि उत्पादन मंडी समिति कालपी में इस वर्ष मंडी शुल्क और जुर्माना वसूली में उल्लेखनीय बढ़ोतरी दर्ज की गई है। मंडी सचिव सतीश चंद्र के प्रयासों से पिछले वर्ष की तुलना में लगभग 80 लाख रुपये अधिक मंडी शुल्क की आय हुई है, जबकि प्रवर्तन टीम द्वारा भी करीब 8 लाख रुपये अधिक जुर्माना वसूला गया।

सोमवार को मंडी सचिव सतीश चंद्र ने जानकारी देते हुए बताया कि मार्च 2025 तक मंडी शुल्क से कुल 2 करोड़ 51 लाख 88 हजार 257 रुपये की आय हुई थी, जो मार्च 2026 तक बढ़कर 3 करोड़ 31 लाख 6 हजार 738 रुपये हो गई। इस प्रकार इस वर्ष मंडी आय में करीब 80 लाख रुपये की वृद्धि दर्ज की गई है।
इसके अलावा प्रवर्तन टीम की कार्रवाई में भी सुधार देखने को मिला है। पिछले वर्ष जहां 25 लाख 35 हजार 564 रुपये का जुर्माना वसूला गया था, वहीं इस वर्ष यह बढ़कर 33 लाख 51 हजार 522 रुपये हो गया, जिससे लगभग 8 लाख रुपये अतिरिक्त राजस्व प्राप्त हुआ।
मंडी सचिव ने बताया कि मंडी परिसर से बिना शुल्क दिए किसी भी वाहन को बाहर नहीं जाने दिया जाता। गेट पर सख्ती से गेट पास रसीद की जांच की जाती है, तभी वाहन को बाहर जाने की अनुमति मिलती है। उन्होंने कहा कि कुछ किसान अपने उपयोग के लिए सीमित मात्रा में अनाज ले जाते हैं, लेकिन व्यावसायिक गतिविधियों में नियमों का सख्ती से पालन कराया जाता है।
उन्होंने यह भी कहा कि मंडी की आय बढ़ाने के लिए वे निरंतर प्रयासरत हैं। उनकी कार्यशैली और व्यवहार से प्रभावित होकर व्यापार मंडल अध्यक्ष शिशु गौतम, वरिष्ठ व्यापारी प्रमोद द्विवेदी, राजेश पुरवार, धीरेंद्र उर्फ बबलू सिंह, कमलेश यादव, हिमांशु गुप्ता, श्याम जी गुप्ता सहित अन्य व्यापारियों ने उनकी सराहना की।