मगरौल पुलिस प्रशिक्षण केंद्र में भव्य पासिंग आउट परेड, डीआईजी ने दिलाया कर्तव्य का संकल्प
नौ माह के कठिन प्रशिक्षण के बाद 459 युवा बने सिपाही
कालपी (जालौन)।
पुलिस प्रशिक्षण केंद्र मगरौल में रविवार को आयोजित भव्य पासिंग आउट परेड के साथ ही नौ माह के कठिन प्रशिक्षण के बाद 459 युवा सिपाही बन गए। इस अवसर पर पुलिस उपमहानिरीक्षक संतोष मिश्रा ने सलामी लेकर परेड का निरीक्षण किया और नवआरक्षियों को कर्तव्यों का पाठ पढ़ाया।

बताया गया कि प्रदेश सरकार द्वारा गत वर्ष नागरिक पुलिस के लिए 60,200 पदों पर भर्ती की गई थी। इनमें से 491 रिक्रूट आरक्षी प्रशिक्षण के लिए मगरौल केंद्र पहुंचे थे। प्रशिक्षण के दौरान कुछ अभ्यर्थियों का उच्च पदों पर चयन हो गया, जबकि कुछ अनुपस्थित रहे और कुछ प्रशिक्षण में सफल नहीं हो सके। अंततः 459 आरक्षियों ने सफलतापूर्वक प्रशिक्षण पूर्ण किया।
पासिंग आउट परेड के दौरान नवआरक्षियों ने अनुशासन और कौशल का शानदार प्रदर्शन किया तथा डीआईजी संतोष मिश्रा और प्रशिक्षण केंद्र के प्रधानाचार्य को सलामी दी। अपने संबोधन में डीआईजी ने कहा कि प्रशिक्षण के दौरान सीखी गई बातें अब वास्तविक जीवन की चुनौतियों से निपटने में सहायक होंगी। उन्होंने कहा कि अब जिम्मेदारी बढ़ गई है और सभी को संविधान के दायरे में रहकर समाज व देशहित में कार्य करना होगा।
इस अवसर पर प्रशिक्षण के दौरान उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले रिक्रूट आरक्षियों को सम्मानित किया गया। साथ ही उन्हें प्रशिक्षण देने वाले प्रशिक्षकों को भी उनके योगदान के लिए सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम में अपर पुलिस अधीक्षक रामअर्ज, क्षेत्राधिकारी अमित पांडेय, जालौन-गरौठा-भोगनीपुर के सांसद नारायणदास अहिरवार, पालिका अध्यक्ष अरविंद सहित प्रशिक्षण केंद्र का स्टाफ मौजूद रहा।
पासिंग आउट परेड में शामिल होने के लिए बड़ी संख्या में आरक्षियों के परिजन भी पहुंचे। अपने बच्चों को वर्दी में देखकर उनके चेहरे खुशी से खिल उठे। कार्यक्रम स्थल पर महिलाओं और बच्चों की भी अच्छी-खासी उपस्थिति रही, जिससे माहौल उत्साहपूर्ण बना रहा।